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प्लास्टर के अलग-अलग प्रकार और उनके उद्देश्य को समझना 

जानें प्लास्टर क्या है, इसका उद्देश्य, और इसके अलग-अलग प्रकार जैसे सीमेंट, जिप्सम, चूना, मिट्टी और स्टुको प्लास्टर। 

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प्लास्टर क्या है? 



प्लास्टर क्या है? प्लास्टर दीवारों और छतों पर सीमेंट, जिप्सम, चूना या मिट्टी जैसी सामग्रियों की चिकनी या बनावट वाली परत चढ़ाने का तरीका है। यह सतह को बचाता है और उसे सुंदर बनाता है।

 

प्लास्टर पेंट और फिनिश के लिए बेस लेयर बनाता है। बिना सही प्लास्टर के, दीवारें कमज़ोर और ऊबड़-खाबड़ रहती हैं, जिससे उनमें दरारें आ सकती हैं।

 

टिप: अच्छा प्लास्टर सतह की सही सफाई और पानी के सही इस्तेमाल से शुरू होता है।

 

प्लास्टर के अलग-अलग प्रकार

प्लास्टर कई तरह के होते हैं, जो अलग-अलग निर्माण ज़रूरतों के काम आते हैं।

 

1. सीमेंट प्लास्टर



भारत में सीमेंट प्लास्टर सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला प्रकार है। यह सीमेंट, रेत और पानी से बनता है। यह तरीका अंदरूनी और बाहरी दोनों दीवारों के लिए मज़बूत और टिकाऊ सतह देता है। 

 

इसका इस्तेमाल बहुत होता है क्योंकि यह मौसम और नमी को अच्छे से झेलता है। 


2. जिप्सम प्लास्टर 



जिप्सम प्लास्टर में जिप्सम पाउडर और पानी का इस्तेमाल होता है। यह चिकनी फिनिश देता है और सीमेंट प्लास्टर से जल्दी सूखता है। यह मुख्य तौर पर अंदर की दीवारों और छतों के लिए होता है। इसमें तराई की ज़रूरत नहीं होती। 

 

 

3. मिट्टी का प्लास्टर 



मिट्टी का प्लास्टर एक पारंपरिक और ईको-फ्रेंडली तरीका है। इसमें मिट्टी, भूसा और प्राकृतिक बाइंडर्स इस्तेमाल होते हैं। यह घर के अंदर का तापमान सही रखने में मदद करता है और ग्रामीण घरों के लिए बढ़िया है। 

 

 

4. चूने का प्लास्टर 



चूने के प्लास्टर में चूना, रेत और पानी इस्तेमाल होता है। यह लचीला होता है और दीवारों को सांस लेने देता है, जिससे नमी कम जमती है। यह अक्सर पुरानी ऐतिहासिक इमारतों में इस्तेमाल होता है। 

 

 

5. वॉटरप्रूफ प्लास्टर 



वॉटरप्रूफ प्लास्टर में ऐसे एडिटिव्स मिलाए जाते हैं जो नमी को अंदर आने से रोकते हैं। यह अक्सर बाथरूम, किचन और बाहरी दीवारों पर इस्तेमाल होता है। नमी वाली जगहों के लिए यह सबसे व्यावहारिक है। 

 

टिप: खर्चा बचाने के लिए वॉटरप्रूफ प्लास्टर का इस्तेमाल सिर्फ वहीं करें जहाँ ज़रूरी हो। 

 

 

6. स्टुको प्लास्टर 



स्टुको प्लास्टर एक सजावटी फिनिश है जो ज़्यादातर बाहरी दीवारों पर इस्तेमाल होता है। यह एक टेक्स्चर लुक देता है और देखने में आकर्षक लगता है। यह टिकाऊ और मौसम-प्रतिरोधी होता है।

 

 

प्लास्टर फिनिश के प्रकार

प्लास्टर फिनिश दीवारों के अंतिम रूप को प्रभावित करती है।

 

स्मूथ फिनिश

यह पेंटिंग के लिए एक सपाट और पॉलिश की हुई सतह देता है

 

सैंड फिनिश

सैंड फिनिश एक दानेदार टेक्स्चर देता है और मामूली दोषों को छिपा देता है।

टिप: बाहरी दीवारों के लिए सही है।

 

पेबल डैश फिनिश

सजावटी लुक के लिए गीले प्लास्टर में छोटे पत्थर जड़े जाते हैं।

टिप: बाउंड्री वॉल और सजावट के लिए सबसे अच्छा।

 

टेक्स्चर फिनिश

डिजाइन के लिए औजारों की मदद से पैटर्न बनाए जाते हैं।

टिप: फीचर दीवारों को हाइलाइट करने के लिए टेक्स्चर फिनिश इस्तेमाल करें।

 

स्क्रैप्ड फिनिश

एक जैसा खुरदरा टेक्स्चर देने के लिए सतह को स्क्रैप किया जाता है।

टिप: वहाँ के लिए आदर्श है जहाँ सतह में मामूली अनियमितताएँ हों।

 

रफ कास्ट फिनिश

मोर्टार और एग्रीगेट्स का उपयोग करके एक खुरदरी फिनिश दी जाती है।

टिप: रफ कास्ट फिनिश मौसम प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है।

 

 

प्लास्टर करने का उद्देश्य

प्लास्टर का मुख्य काम चिनाई की सतह को बचाना, मज़बूती बढ़ाना और पेंट और फिनिशिंग के लिए साफ बेस तैयार करना है।

 

1. चिनाई का टिकाऊपन बढ़ाना

प्लास्टर ईंटों और ब्लॉकों को खराब होने और टूटने से बचाता है।

टिप: मज़बूत प्लास्टर से दीवार की उम्र बढ़ती है।

 

2. पेंट के काम के लिए समतल सतह देना

प्लास्टर पेंट लगाने के लिए एक बराबर बेस बनाता है।

टिप: चिकने प्लास्टर से पेंट की खपत कम होती है।

 

3. मौसम के असर से सुरक्षा देना

प्लास्टर दीवारों को धूप, बारिश और प्रदूषण से बचाता है।

टिप: खराब मौसम वाली जगहों पर बाहरी प्लास्टर बहुत ज़रूरी है।

 

4. नमी से बचाव

प्लास्टर नमी रोकने वाली परत का काम करता है।

टिप: वॉटरप्रूफ प्लास्टर नमी को दीवार के अंदर आने से रोकता है।

 

5. बेहतर लुक देना

प्लास्टर दीवारों की खूबसूरती बढ़ाता है।

टिप: कमरे के इस्तेमाल के हिसाब से प्लास्टर फिनिश चुनें।

 

 

दीवार पर प्लास्टर कैसे करें: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

प्लास्टर के अच्छे काम के लिए सही तैयारी और तरीके की ज़रूरत होती है। सही स्टेप्स फॉलो करने से अच्छी पकड़, सही मोटाई और बढ़िया सीमेंट फिनिश मिलती है जो सालों चलती है।

 

1. दीवार की सतह साफ करें

दीवार से धूल, कचरा, तेल के दाग और पुराना पेंट हटा दें। अगर सतह बहुत चिकनी है, तो उसे हल्का खुरदरा कर लें ताकि प्लास्टर अच्छे से चिपक सके। प्लास्टर करने से पहले दीवार को हल्का गीला करें ताकि वह मिश्रण से पानी न सोख ले।

 

2. प्लास्टर का मिक्स तैयार करें

काम के हिसाब से सीमेंट और रेत का सही अनुपात जैसे 1:4 या 1:6 का मिक्स तैयार करें। सही मात्रा में सीमेंट, रेत और पानी मिलाएं ताकि सही अनुपात प्राप्त हो सके। मिक्स ऐसा होना चाहिए जिस पर काम किया जा सके, लेकिन बहुत पतला न हो।

 

3. बेस कोट लगाएं

करणी की मदद से पहली परत दीवार पर बराबर लगाएं। ज़रूरत के हिसाब से सही मोटाई रखें (अमूमन अंदर के लिए 12 मिमी और बाहर के लिए 15–20 मिमी)। मसाले को मज़बूती से दबाएं ताकि पकड़ अच्छी रहे।

 

4. सतह को बराबर करें

प्लास्टर को बराबर करने के लिए फंटी या लकड़ी के गुटके का इस्तेमाल करें। स्पिरिट लेवल से चेक करें कि दीवार सीधी है। सही लेवलिंग से मोटाई एक जैसी रहती है और दरारें नहीं आतीं।

 

5. फिनिशिंग कोट लगाएं

जब पहली परत थोड़ी सेट हो जाए, तो स्मूथ फिनिश के लिए एक पतली परत लगाएं। बेहतर लुक के लिए लोहे की गुरमाला का इस्तेमाल कर सतह को चिकना करें।

 

6. सही से तराई करें

24 घंटों के बाद तराई शुरू करें और कम से कम 7 दिनों तक जारी रखें। सही तराई से प्लास्टर मज़बूत होता है और दरारें नहीं आतीं। समय-समय पर पानी छिड़कने से काम मज़बूत होता है।

टिप: अच्छे नतीजों के लिए तराई के नियमों का सख्ती से पालन करें।

 

 

प्लास्टर के दौरान होने वाली आम गलतियां जिनसे बचें

भले ही आप सही प्लास्टर चुनें, लेकिन लगाने में गलती होने पर दीवार की उम्र कम हो सकती है। एक आम गलती गंदी या सूखी दीवार पर प्लास्टर लगाना है। धूल, ढीले कण या बहुत सूखी दीवार की वजह से प्लास्टर ठीक से चिपक नहीं पाता, जिससे बाद में दरारें आ सकती हैं या पपड़ी निकल सकती है।

 

एक और बड़ी समस्या है गलत मिक्स। चाहे सीमेंट, चूना या जिप्सम प्लास्टर हो, सही अनुपात का ध्यान रखना ज़रूरी है। काम आसान करने के लिए ज़्यादा पानी मिलाने से परत कमज़ोर हो जाती है। सीमेंट प्लास्टर के बाद सही तराई न करना भी दरारों का बड़ा कारण है।

 

टिप: प्लास्टर से पहले दीवार को हमेशा साफ और हल्का गीला करें और बताए गए अनुपात का सख्ती से पालन करें।


दीवार पर प्लास्टर कैसे करें: स्टेप बाय स्टेप गाइड 




अपने घर के लिए सही तरह का प्लास्टर चुनना 

 

सही प्लास्टर का चुनाव इस पर निर्भर करता है कि इसे कहाँ इस्तेमाल करना है। जैसे, जिप्सम प्लास्टर अंदर की सूखी जगहों के लिए ठीक है, जबकि सीमेंट प्लास्टर बाहरी दीवारों और गीली जगहों के लिए बेहतर है। पारंपरिक घरों में बेहतर तापमान नियंत्रण के लिए मिट्टी का प्लास्टर पसंद किया जा सकता है। 

 

 

प्लास्टर क्या है और इसके प्रकारों को समझने से घर के मालिक सही चुनाव कर पाते हैं। सही चुनाव से टिकाऊपन बढ़ता है, मेंटेनेंस कम होती है और घर के अंदर आराम बढ़ता है। 



अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

 

1. क्या चूने के प्लास्टर में दरार आती है?

चूने का प्लास्टर लचीला होता है और इसमें सीमेंट प्लास्टर के मुकाबले कम दरारें आती हैं।

 

2. प्लास्टर के बाद अगला कदम क्या है?

प्लास्टर के प्रकार के आधार पर, तराई या सुखाना अगला कदम होता है।

 

3. प्लास्टर के बाद तराई कब शुरू करनी चाहिए?

आमतौर पर सीमेंट प्लास्टर के 24 घंटे बाद तराई शुरू की जाती है।

 

4. क्या प्लास्टर के बाद दीवारों पर पेंट कर सकते हैं?

हाँ, अच्छी तरह तराई करने और सूखने के बाद।

 

5. प्लास्टर मिक्स का अनुपात क्या होता है?

यह प्लास्टर के प्रकार और इस्तेमाल के हिसाब से अलग-अलग होता है।


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