कंस्ट्रक्शन अक्सर एक साफ प्लान के साथ शुरू होता है। साइज तय होता है, सामान ऑर्डर किया जाता है और सब कुछ स्टेप-बाय-स्टेप शुरू होता है। लेकिन एक छोटा सा बदलाव भी काम को कई दिनों तक रोक सकता है। ये बदलाव कंस्ट्रक्शन में देरी के मुख्य कारणों में से एक हैं। आइए इन बदलावों को एक-एक करके समझें और जानें कि भविष्य में इनसे कैसे बचा जा सकता है।
निर्माण के दौरान डिजाइन में बदलाव: बड़े कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में देरी के आम कारणों में से एक
जब डिजाइन बदलते हैं, तो नए सामान की जरूरत पड़ती है और उसे साइट तक पहुँचने में समय लगता है। कुछ चीजें शायद तैयार न हों या पास की दुकानों में न मिलें, और जब तक सब कुछ आ नहीं जाता, काम आगे नहीं बढ़ सकता।
ये छोटे बदलाव देखने में मामूली लग सकते हैं, जैसे दीवार हटाना, दरवाजा खिसकाना या टाइल का रंग बदलना, लेकिन ये काम की लय बिगाड़ देते हैं, जिससे:
पहले से हो चुके काम को दोबारा करना पड़ता है
नए निर्देशों का इंतजार करना पड़ता है
काम दिन-ब-दिन पिछड़ता जाता है
कंस्ट्रक्शन में देरी के अन्य कारण
निर्माण के दौरान डिजाइन में बदलाव के साथ-साथ कई अन्य वजहें भी देरी का कारण बनती हैं। ये मुद्दे छोटे लग सकते हैं, लेकिन ये काम को कई दिनों तक रोक देते हैं:
बातचीत की कमी
जब लोग साफ़-साफ़ बात नहीं करते, तो गलतियाँ होती हैं। चीजों को दोबारा समझाने में काम रुक जाता है। इसीलिए बातचीत की कमी कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में देरी के आम कारणों में से एक है।
मजदूरों की कमी
जब पर्याप्त मजदूर उपलब्ध नहीं होते, तो काम की रफ्तार धीमी हो जाती है।
परमिशन मिलने में देरी
काम आगे बढ़ाने के लिए जरूरी परमिशन चाहिए होती है। और कभी-कभी कागजी कार्यवाही पूरी होने में समय लगता है। भले ही सामान और मजदूर तैयार हों, मंजूरी मिलने तक काम रोकना पड़ता है।
निर्माण के दौरान डिजाइन बदलावों की वजह से होने वाली देरी से बचने के स्टेप्स जानने से पहले, इस ब्लॉग में बताए गए देरी के मुख्य कारणों को जरूर पढ़ें: घर निर्माण प्रोजेक्ट में देरी से कैसे बचें।
कामयाब कंस्ट्रक्शन के लिए देरी से कैसे बचें?
शुरुआत में अच्छी प्लानिंग करने से बाद में काम तेजी से होता है। जब फैसले साफ होते हैं, तो कंस्ट्रक्शन बिना किसी रुकावट के चलता है और हम देरी के आम कारणों और उनके असर से बच सकते हैं।
ये बातें पक्का कर लें:
काम शुरू होने से पहले सभी प्लान फाइनल कर लें।
काम शुरू होने से पहले सभी लेआउट, साइज और फिनिशिंग तय कर लें।
कोशिश करें कि एक बार काम शुरू होने के बाद प्लान न बदलें।
शुरुआत में लिए गए छोटे फैसले काम को आसान रखते हैं और भविष्य में कई दिनों के इंतजार को बचा सकते हैं।