क्या मानसून में घर का काम जारी रह सकता है?
बारिश ठंडी हवाएं और हरियाली लाती है। पर बारिश के मौसम में घर बनाना चिंता का काम है। थोड़ी सावधानी से बारिश में भी काम चल सकता है। काम थोड़ा धीमा ज़रूर होगा, पर रुकेगा नहीं अगर आप पहले से प्लानिंग कर लें। यह गाइड आपको आसान स्टेप्स बताएगी।
बारिश के मौसम में घर बनाने के सुरक्षित पड़ाव
अगर ठीक से प्लानिंग की जाए तो बारिश में भी घर का काम आराम से हो सकता है। सबसे मुश्किल काम शुरुआत का होता है। नींव खोदते समय बारिश मिट्टी को कीचड़ जैसा और ढीला बना सकती है। इससे जमीन खिसक सकती है, जिससे मरम्मत में लगभग ₹10,000–₹20,000 का एक्स्ट्रा खर्च आ सकता है।
एक बार नींव सूख कर मजबूत हो जाए, तो बाकी काम आसान हो जाता है। ईंटों की दीवारें काफी मजबूत होती हैं और हल्की बारिश में भी बनाई जा सकती हैं।
मानसून में घर को बचाना बहुत ज़रूरी है। बारिश का पानी अंदर आने से रोकने के लिए स्ट्रक्चर के ऊपर टीन की चादरें लगाई जा सकती हैं। ये चादरें एक कामचलाऊ छत की तरह काम करती हैं और घर को तब तक बचाती हैं जब तक पक्की छत न लग जाए।
1. सामान को मानसून से बचाएं
बारिश में घर बनाते समय पानी के जमाव से सामान जल्दी खराब हो सकता है। गीला सीमेंट ढेले बन जाता है और बेकार हो जाता है, जबकि भीगी हुई रेत की मजबूती कम हो जाती है। सीमेंट की बोरियों को ऊंचे चबूतरों पर शेड के नीचे रखें और उन्हें रोज हवा लगने दें।
नमी रोकने वाला सीमेंट इस्तेमाल करें जो आसानी से जम जाए और बाद में दरारें और लीकेज न हों। चूंकि खराब रास्तों की वजह से ढुलाई का खर्च हर चक्कर के लगभग ₹5,000 बढ़ जाता है, इसलिए सामान हफ्ते में एक बार ही मंगवाएं।