अपना घर बनाना एक बड़ी जिम्मेदारी है। कई परिवार सोचते हैं कि क्या घर बनते समय सरकार मदद कर सकती है।
अच्छी खबर यह है कि ऐसी सरकारी आवास योजनाएं हैं जो आपके घर को बनाना या पूरा करना आसान और सस्ता बना सकती हैं।
आप घर सिर्फ एक बार बनाते हैं। इसलिए, सही तरीके से सहयोग मिलना मायने रखता है। आइए देखें कि निर्माणाधीन घरों के लिए क्या मदद उपलब्ध है।
निर्माणाधीन घरों के लिए सरकारी सहायता
भारत में घर बनाने के लिए ज्यादातर सरकारी आवास योजनाएं प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाय) के तहत आती हैं, जिसका उद्देश्य 'सभी के लिए आवास' प्रदान करना है। यह योजना उन शहरी और ग्रामीण दोनों परिवारों की मदद करती है जिनके पास पहले से पक्का घर नहीं है।
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प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0)
यह योजना शहरों और कस्बों में रहने वाले कम और मध्यम आय वाले परिवारों के लिए है।
पीएमएवाय-यू 2.0 के तहत:
ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी श्रेणियों के परिवार घर बनाने, खरीदने या पूरा करने के लिए आर्थिक मदद पा सकते हैं।
सरकार प्रति परिवार ₹2.5 लाख तक की सहायता देती है।
अगर आप अपना घर खुद बना रहे हैं, तो आप लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) के तहत आवेदन कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G)
पीएमएवाय-जी उन ग्रामीण परिवारों के लिए है जिनके पास स्थायी घर नहीं है।
पीएमएवाय-जी के तहत:
योग्य परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए ₹1.2 लाख से ₹1.3 लाख तक मिल सकते हैं।
टॉयलेट बनाने और बुनियादी सुविधाओं के लिए अलग से सहायता मिल सकती है।
कुछ मामलों में, निर्माण कार्य के लिए भुगतान सरकारी रोजगार योजनाओं के माध्यम से भी किया जाता है।
इसका मतलब है कि आपकी सरकारी होम लोन योजना सामान्य लोन से सस्ती हो सकती है।