प्लास्टर दीवारों पर लगाई गई वह पतली बाहरी परत है जो उन्हें चिकना और पेंट के लिए तैयार बनाती है। प्लास्टर की दरारें आमतौर पर छोटी और सिर्फ सतह पर होती हैं। इन दरारों से इमारत की मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ता।
ये अक्सर इस रूप में दिखती हैं:
नींव और प्लास्टर की दरारों के बीच अंतर
मुख्य अंतर को साफ तौर पर समझने के लिए यहाँ एक आसान टेबल दी गई है:
बिंदु
| नींव की दरारें
| प्लास्टर की दरारें
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वे कहाँ दिखती हैं
| घर की नींव, बीम, निचली दीवारें
| दीवारों की सतह
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गहराई
| गहरी और चौड़ी
| पतली और उथली
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गंभीरता
| ढांचे को कमजोर कर सकती हैं
| ज्यादातर सतह के स्तर पर
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मुख्य कारण
| मिट्टी का खिसकना, वजन की समस्या
| सूखना, सिकुड़ना
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मरम्मत का प्रकार
| विशेषज्ञ से जांच जरूरी है
| प्लास्टर की दरारों की साधारण मरम्मत
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घर पर इनकी पहचान कैसे करें?
यहाँ कुछ आसान तरीके दिए गए हैं:
अगर दरार इतनी चौड़ी है कि उसमें सिक्का डाला जा सके, तो यह गंभीर हो सकती है।
अगर दरवाजे और खिड़कियां ठीक से बंद नहीं हो रहे हैं, तो यह नींव की समस्या हो सकती है।
अगर दरार सिर्फ पेंट या सतह पर है, तो यह शायद प्लास्टर की दरार है।
अगर कोई शक हो, तो हमेशा समय रहते इसकी जांच कराएं।
दरार को जल्दी पहचानें, बाद में पैसे बचाएं
हर दरार का मतलब खतरा नहीं होता। नींव की दरारों और प्लास्टर की दरारों के बीच का अंतर समझने से आपको सही फैसले लेने में मदद मिलती है।
सतह की छोटी दरारों को प्लास्टर की साधारण मरम्मत से ठीक किया जा सकता है। लेकिन नींव धंसने के कारण आने वाली दरारों पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है। समय पर की गई देखभाल आपके घर को मजबूत, सुरक्षित और टिकाऊ बनाए रखती है।