व्हाइट टॉपिंग काँक्रीट

क्षतिग्रस्त सड़कें: लंबे समय से चली आ रही समस्या

तेजी से शहरीकरण के परिणामस्वरूप, 35% के करीब भारतीय अब शहरी क्षेत्रों में रहते हैं और शहर की सड़कों पर पहले से कहीं ज्यादा आवागमन करते हैं। जब इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए विचार करते हैं कि भारत का विश्व में चौथा सबसे बड़ा ऑटो बाजार है, तो यह स्पष्ट है कि आने वाले वर्षों में हमारी सड़कोंं पर वाहनों की भीड़भाड़ और अधिक बढ़ने की संभावना है। इससे हमारी सड़कों पर जबर्दस्त दबाव पड़ता है जिसके कारण दरारें और खतरनाक गड्ढे उत्पन्न होने की संभावना बढ़ जाती है। असल में, पिछले चार वर्षों में, गड्ढों से संबंधित दुर्घटनाओं के कारण 11,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। जब तक ये समस्याएं बनी रहती हैं तब तक सड़कों और यात्रियों दोनों को राहत देने वाला दीर्घकालिक समाधान नहीं हो सकता है।

Damaged roads: the long-standing problem

बीस वर्ष का समाधान

अल्ट्राटेक व्हाइट टॉपिंग को इन महत्वपूर्ण मुद्दों को संबोधित करने और शहर की सड़कों को सुरक्षित और गड्ढा मुक्त बनाने के लिए विकसित किया गया था। संक्षेप में, व्हाइट टॉपिंग एक पोर्टलैंड सीमेंट कंक्रीट (PCC) ओवरले है जिसे मौजूदा बिटुमिनस रोड के ऊपर बनाया गया है। यह ओवरले सड़कों के पुनर्वास या संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण के लिए एक दीर्घकालिक विकल्प के रूप में कार्य करता है।

लाभ

*यह लकीरे पड़ने, संरचनात्मक दरारों और गड्ढों को बनने से रोकता है, जिससे सुरक्षित और तेज से आवागमन संभव होता है। *मौजूदा बिटुमेन फुटपाथ की संरचनात्मक क्षमता में सुधार करता है। *प्रारंभिक बजट बिटुमेन सड़कों से थोड़ा अधिक होता है लेकिन जीवन-चक्र लागत बिटुमेन और कंक्रीट सड़कों दोनों की तुलना में बहुत कम होती है। *इसका केवल 14 दिनों का प्रतिवर्तन काल कंक्रीट सड़कों के लिए प्रतिवर्तन काल से काफी तेज होता है। *रात के दौरान प्रकाश परावर्तन को बढ़ाकर दृश्यता और यात्री (कम्यूटर) सुरक्षा में सुधार करता है। यह किसी भी सड़क पर प्रकाश के कारण उत्पन्न् होने वाली *असहजता को कम करता है, औ इस प्रकार ऊर्जा की बचत (20-30%) करता है। *पेवमेंट विक्षेपण को कम करता है, जिसके परिणामस्वरूप वाहन ईंधन की खपत कम होती है (10-15%) और इस प्रकार, उत्सर्जन में कमी आती है। *वाहन ब्रेकिंग-दूरी कम करता है, और इस प्रकार इसे सूखी और गीली सतह दोनों दशाओं में सुरक्षित बनाता है। *कम ऊष्मा अवशोषित करके ‘शहरी ऊष्मा द्वीप’ प्रभाव को कम करता है, जिसके परिणामस्वरूप शहरी भवनों में एयर कंडीशनिंग के लिए ऊर्जा की खपत में कमी आती है। *व्हाइट टॉप्ड पेवमेंट 100% पुनर्चक्रणीय होते है और जीवनकाल की समाप्ति पर के अंत में चूर-चूर करके पुन: उपयोग किए जा सकते हैं।

निर्माण चरण

  1. मिलिंग और प्रोफाइल सुधार
  2. सतह की तैयारी
  3. कंक्रीट ओवरले
  4. सतही परिष्करण (फिनिशिंग)
  5. संरचना
  6. खांचे काटना
  7. उपचारण और परीक्षण
  8. कर्ब बिछाना और लेन मार्किंग
The Twenty-year Solution

संपर्क विवरण

अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारे टोल-फ्री नंबर 1800 210 3311 पर कॉल करें या अपने निकटतम अल्ट्राटेक बिल्डिंग सॉल्यूशंस (यूबीएस) केंद्र पर पहुंचें।

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