निर्माण में एक्सपेंशन जॉइंट्स के प्रकार
1. बट जॉइंट
2. स्लाइडिंग जॉइंट
3. बेलोज जॉइंट
4. कंप्रेशन सील जॉइंट
घर निर्माण में एक्सपेंशन जॉइंट्स का उपयोग क्यों करें?
1. दरारों को रोकें: एक्सपेंशन जॉइंट्स तापमान परिवर्तन के कारण दीवारों, फर्शों और नींव में होने वाली दरारों को रोकने में मदद करते हैं।
2. संरचनात्मक अखंडता(स्ट्रक्चरल इंटीग्रिटी) बनाए रखें: नियंत्रणित गति की अनुमति देकर, एक्सपेंशन जॉइंट्स एक बिल्डिंग की संरचनात्मक
अखंडता को बनाए रखने में मदद करते हैं।
3. लागत बचत: एक्सपेंशन जॉइंट्स का उपयोग प्राकृतिक सामग्री की गति के कारण होने वाली क्षति कोरोककर समय के साथ मरम्मत
और रखरखाव लागत को कम कर सकता है।
4. सुरक्षा: ठीक से स्थापित एक्सपेंशन जॉइंट्स संरचनात्मक विफलताओं के जोखिम को
कम करते हैं, जिससे बिल्डिंग में रहने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
एक्सपेंशन जॉइंट्स के लिए स्थापना युक्तियाँ(इंस्टॉलेशन टिप्स)
सही स्थान (प्रॉपर प्लेसमेंट): सुनिश्चित करें कि एक्सपेंशन जॉइंट्स को उन स्थानों पर रखा जाए जो तापमान परिवर्तन के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील हैं,
जैसे बाहरी दीवारें और बड़े कंक्रीट स्लैब।
सही सामग्री चुनें: जॉइंट्स भरने के लिए एक लचीली सामग्री चुनें जो तापमान परिवर्तन
और गतियों की अपेक्षित सीमा को सहन कर सके।
नियमित निरीक्षण (रेगुलर इंस्पेक्शन): एक्सपेंशन जॉइंट्स को समय-समय पर घिसाव या क्षति के संकेतों के लिए जांचें
और उनकी प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार बदलें।
सीलेंट का अनुप्रयोग: अंतरालों को भरने और पानी के प्रवेश को रोकने के लिए उपयुक्त सीलेंट का उपयोग करें,
जो आगे की क्षति का कारण बन सकता है या जॉइंट्स की प्रभावशीलता को कम कर सकता है।
एक्सपेंशन जॉइंट्स का अर्थ, उनके प्रकार और उचित स्थापना प्रथाओं को समझकर, घर निर्माता यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनकी
संरचनाएं टिकाऊ, सुरक्षित और प्राकृतिक सामग्री की गतिविधियों के खिलाफ अच्छी तरह से संरक्षित(प्रोटेक्टेड) हैं।